कुछ ख्वाब हकीकत में बदल जाते है..
कुछ को हकीकत में बदलने का ख्वाब होता है!!
मैंने भी एक ख्वाब देखा है..
जो साँस लेता है मेरी सांसो में..
की
बहते हुए सूरज से पूछू..
सेहर का आलम!!
गिरते दरख्त से पूछू..
वो दिन बहार के!!
फूलो से पूछू..
की वो रंगत किधर गयी??
शायद ये भी खुशनुमा थे हमारी ही तरह
शायद ये भी कभी हँसते थे..
शायद इनका भी दिल टूटा है
हमारी ही तरह!!
gud post....
ReplyDeletecograts for ur first post on ur blog....
& u know..me the first follower of urs blog :)
u in IITRoorkee na...?
उत्तम प्रयास........ब्लाग की सफ़लता के लिये शुभकामनायें.......!!!
ReplyDeletehttp://www.idharudharki1bat.blogspot.com/
waiting for ur another poetry....
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